देशभर में तापमान में गिरावट के साथ ही वायरल बुखार, खांसी-जुकाम, गले में खराश और सांस से जुड़ी समस्याएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं। अस्पतालों में OPD संख्या बढ़ी है और कई शहरों में बच्चों व बुज़ुर्गों में संक्रमण के मामले अधिक देखे जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम में इम्यूनिटी कमजोर होने के कारण वायरल तेजी से फैलता है, इसलिए सावधानी और सही दिनचर्या अपनाना बेहद ज़रूरी है।
डॉक्टरों ने लोगों से सतर्क रहने, भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करने और हल्की-फुल्की स्वास्थ्य समस्याओं को नज़रअंदाज़ न करने की सलाह दी है। नीचे दिए गए टिप्स विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए हैं जिन्हें अपनाकर इस मौसम में खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है।
डॉक्टरों के 6 ज़रूरी हेल्थ टिप्स (विस्तारित संस्करण)
1. रोज सुबह गुनगुना पानी पिएं
गुनगुना पानी शरीर से विषैले तत्व (टॉक्सिन) बाहर निकालने में मदद करता है। यह पाचन सुधारता है, गले की खराश को कम करता है और शरीर को हाइड्रेटेड रखता है, जो सर्दियों में बेहद ज़रूरी है।
2. विटामिन-C युक्त फल जैसे संतरा, नींबू, आंवला लें
विटामिन-C इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए सबसे प्रभावी पोषक तत्वों में से एक है। यह शरीर में संक्रमण से लड़ने वाली कोशिकाओं को मजबूत बनाता है। रोज आंवला, अमरूद, नींबू पानी या संतरा खाने से वायरल बुखार का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
3. घर से बाहर निकलने पर मास्क पहनें
ठंड में हवा सूखी होने के कारण वायरस अधिक समय तक सक्रिय रहता है। भीड़ वाली जगहों, बाजार, अस्पताल या सार्वजनिक परिवहन में मास्क पहनने से संक्रमण के फैलने का खतरा कम हो जाता है।
4. दिन में 10–15 मिनट धूप जरूर लें
सर्दियों में धूप की कमी के कारण विटामिन-D का स्तर घटने लगता है, जिससे इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है। सुबह की हल्की धूप न केवल शरीर को गर्म रखती है बल्कि हड्डियों और रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाती है।
5. खांसी-जुकाम की स्थिति में खुद दवा ना लें
ओवर-द-काउंटर दवाओं का गलत इस्तेमाल साइड इफेक्ट का कारण बन सकता है। लगातार खांसी, बुखार या सांस लेने में दिक्कत हो तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। खुद से एंटीबायोटिक लेना खतरनाक हो सकता है।
6. पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करें
कम नींद शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देती है। रोज 7–8 घंटे की नींद और हल्का व्यायाम या मेडिटेशन तनाव कम करने में मदद करता है। इससे शरीर वायरल संक्रमण से लड़ने के लिए मजबूत बनता है।
samacharpankh.in