देश और दुनिया में स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियाँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। बदलती जीवनशैली, पर्यावरण प्रदूषण, मानसिक तनाव और असंतुलित खानपान का सीधा प्रभाव आम जनजीवन पर पड़ रहा है। हाल के दिनों में वायरल संक्रमण, मानसिक स्वास्थ्य समस्याएँ, हृदय रोग और प्रदूषण से जुड़ी बीमारियाँ चर्चा का विषय बनी हुई हैं। प्रस्तुत हैं आज की प्रमुख स्वास्थ्य खबरें विस्तार से
🦠 फ्लू और वायरल बीमारियों के मामलों में तेजी
मौसम में बदलाव के साथ ही फ्लू और वायरल संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। अस्पतालों में बुखार, खांसी, जुकाम, गले में खराश और शरीर दर्द की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार कमजोर इम्यूनिटी, प्रदूषण और भीड़भाड़ इसके प्रमुख कारण हैं। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
🧠 मानसिक स्वास्थ्य समस्याएँ बनी गंभीर चिंता
तेज़ रफ्तार जीवनशैली के कारण मानसिक स्वास्थ्य समस्याएँ तेजी से बढ़ रही हैं। तनाव, चिंता और अवसाद अब केवल शहरी नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी आम हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि काम का दबाव, आर्थिक चिंता और डिजिटल जीवनशैली मानसिक संतुलन को प्रभावित कर रही है। योग, ध्यान और काउंसलिंग को मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक बताया गया है।
❤️ त्योहारों में दिल की सेहत पर खतरा
त्योहारों के दौरान अधिक तला-भुना भोजन, मिठाइयाँ, शराब और अनियमित दिनचर्या दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा देती हैं। डॉक्टरों ने इसे “हॉलिडे हार्ट सिंड्रोम” बताया है। हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित आहार, नियमित टहलना और तनाव से दूरी बनाकर हृदय को सुरक्षित रखा जा सकता है।
🧪 ‘फॉरएवर केमिकल्स’ से स्वास्थ्य जोखिम
नॉन-स्टिक बर्तन, प्लास्टिक पैकेजिंग और कुछ घरेलू उत्पादों में पाए जाने वाले PFAS (फॉरएवर केमिकल्स) स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार ये रसायन शरीर में लंबे समय तक बने रहते हैं और हार्मोन असंतुलन जैसी समस्याएँ पैदा कर सकते हैं। विशेषज्ञ सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प अपनाने की सलाह दे रहे हैं।
👶 राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान जारी
देशभर में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करना है। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों को पोलियो बूथ तक अवश्य ले जाएँ।
🫁 वायु प्रदूषण से सांस की बीमारियाँ बढ़ीं
दिल्ली सहित कई बड़े शहरों में वायु प्रदूषण के कारण अस्थमा, एलर्जी और सांस संबंधी रोगों में वृद्धि दर्ज की गई है। डॉक्टरों ने बाहर निकलते समय मास्क पहनने और प्रदूषित क्षेत्रों से बचने की सलाह दी है।
📌 स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
- नियमित स्वास्थ्य जांच कराएँ
- संतुलित और पौष्टिक आहार लें
- मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें
- प्रदूषण से बचाव के उपाय अपनाएँ
✍️ निष्कर्ष
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और सही जीवनशैली अपनाकर कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही बेहतर जीवन की आधारशिला हैं।
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