अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों कई राजनीतिक दबावों का सामना कर रहे हैं। पहला झटका तब लगा जब जेफ़री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज़ सार्वजनिक करने वाला बिल कांग्रेस में पास हो गया। व्हाइट हाउस की आपत्तियों के बावजूद इसे भारी समर्थन मिला।
इसके साथ ही, एक हालिया सर्वे में ट्रंप की लोकप्रियता लगभग 38% बताई गई है, जो कि काफी कम मानी जाती है।
H1-B वीज़ा पर उनकी लगातार बदलती नीतियों से तकनीकी उद्योग और उनके कई समर्थकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
ट्रंप के लिए खतरे की घंटी?
अगर राजनीतिक दबाव इसी तरह बढ़ते रहे, तो 2026 और 2028 के चुनावों पर भी इसका सीधा असर पड़ सकता है।
अमेरिकी राजनीति की यह अनिश्चितता वैश्विक बाज़ारों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भी प्रभावित कर सकती है।
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