रूस-यूक्रेन युद्ध के मोर्चे पर आज एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की को अमेरिका की ओर से भेजी गई 28-बिंदुओं की शांति योजना उनके ऑफिस को प्राप्त हुई, लेकिन यूक्रेन ने इसे तुरंत खारिज कर दिया।
इस योजना में यूक्रेन को कुछ इलाकों को रूस को सौंपने, हथियारों पर रोक लगाने और पश्चिमी देशों से मिलने वाली सैन्य सहायता को सीमित करने जैसे शर्तें शामिल थीं।
यूक्रेन ने इस दस्तावेज़ को “राष्ट्र की सुरक्षा के साथ समझौता” बताते हुए सख्ती से ठुकरा दिया।
इसका भू-राजनीतिक अर्थ
यह प्रस्ताव और उसका खारिज होना यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था, NATO की रणनीतियों और वैश्विक शक्ति संतुलन पर दूरगामी असर डाल सकता है।
रूस-यूक्रेन युद्ध का अंत कैसे होगा, यह आज भी अंतरराष्ट्रीय राजनीति का सबसे कठिन सवाल बना हुआ है।
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